जे.डी. वांस, जो कि एक प्रमुख राजनीतिक नेता हैं, ने माइक्रोसॉफ्ट और अन्य कंपनियों को एक स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिकी सरकार चाहती है कि ये कंपनियाँ अमेरिका में सफल हों, लेकिन यह सफलता अमेरिकी श्रमिकों की कीमत पर नहीं होनी चाहिए।
PERM कार्यक्रम से निलंबन
हाल ही में, माइक्रोसॉफ्ट और कुछ अन्य कंपनियों को PERM कार्यक्रम से निलंबित किया गया है। PERM (Program Electronic Review Management) कार्यक्रम विदेशी श्रमिकों को अमेरिका में काम करने के लिए वीज़ा प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाता है। वांस का यह बयान इस संदर्भ में सामने आया है कि कंपनियाँ इन वीज़ाओं का दुरुपयोग कर रही हैं, जिससे स्थानीय श्रमिकों को नुकसान पहुँच रहा है।
वांस ने इस मुद्दे पर जोर देते हुए कहा कि अमेरिका के श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कंपनियों को विदेशी श्रमिकों को नियुक्त करने की आवश्यकता है, तो उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि अमेरिकी श्रमिकों को भी समान अवसर मिले।
अमेरिकी श्रमिकों का हित
वांस का यह बयान इस बात की पुष्टि करता है कि वर्तमान प्रशासन विदेशी कामकाजी श्रमिकों की भर्ती को नियंत्रित करने के लिए कदम उठा रहा है। उनका मानना है कि कंपनियों को अपनी भर्ती नीतियों में पारदर्शिता लानी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि अमेरिकी श्रमिकों को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने कहा कि कंपनियों को यह समझना होगा कि अमेरिकी श्रमिकों का हित पहले आना चाहिए। वांस ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए तैयार है जिससे देश के श्रमिकों की भलाई सुनिश्चित हो सके।
अगले कदम
आगे बढ़ते हुए, यह देखना दिलचस्प होगा कि वांस का यह बयान अन्य कंपनियों और सरकार की नीतियों को कैसे प्रभावित करेगा। क्या कंपनियाँ अपनी भर्ती नीतियों में बदलाव करेंगी या क्या सरकार और भी कड़े कदम उठाएगी, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
इन सबके बीच, अमेरिका में कामकाजी श्रमिकों की सुरक्षा और उनकी भलाई के लिए वांस का यह प्रयास सराहनीय है। यह संदेश स्पष्ट करता है कि अमेरिकी श्रमिकों के हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
Source: NDTV India
