दिल्ली सरकार ने हाल ही में स्वास्थ्य सचिव के पद पर एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। यह निर्णय स्वास्थ्य विभाग में की गई खरीद में अनियमितताओं की जांच के चलते लिया गया है। इस संदर्भ में सेवाएं विभाग द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि थकुर, जो 2006 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, अब भी दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं जारी रखेंगे। उन्हें यह पद अतिरिक्त जिम्मेदारी के रूप में सौंपा गया था।
स्वास्थ्य सचिव का स्थानांतरण
इस स्थानांतरण का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार लाना है। सरकार ने यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि विभाग में सभी खरीद प्रक्रियाएं पारदर्शी और सही तरीके से पूरी हो। इससे पहले, पिछले कुछ महीनों में स्वास्थ्य विभाग में कई खरीद मामलों में अनियमितताओं की शिकायतें आई थीं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय किसी व्यक्तिगत असफलता के कारण नहीं, बल्कि विभाग में सुधार लाने के लिए लिया गया है। थकुर का कार्य DUSIB के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में महत्वपूर्ण है, जहाँ वह शहरी आवास और आश्रय के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
जांच की पृष्ठभूमि
दिल्ली में स्वास्थ्य विभाग की खरीद में हुई चूकें और अनियमितताएँ पिछले कुछ समय से चर्चा का विषय रही हैं। यह मामले तब सामने आए जब विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में स्वास्थ्य सेवाओं में कमी और वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया। सरकार ने इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच का आदेश दिया।
इस जांच के चलते कई अधिकारियों को भी पूछताछ का सामना करना पड़ा है। माना जा रहा है कि यह जांच स्वास्थ्य विभाग में व्यापक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आगे क्या होगा?
स्थानांतरण के बाद, थकुर को DUSIB में अपनी जिम्मेदारियों को निभाने पर ध्यान केंद्रित करना होगा। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की नई नेतृत्व टीम को खरीद प्रक्रियाओं में अधिक पारदर्शिता और दक्षता लाने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
सरकार ने इस कदम से यह संकेत दिया है कि वह किसी भी प्रकार की अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं करेगी और सभी विभागों में कार्यप्रणाली को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि जनता में सरकार के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा।
Source: NDTV India
