इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में फ्लाईdubai के सह-पायलट से जुड़ी एक गंभीर घटना पर बयान दिया है। घटना के अनुसार, सह-पायलट ने एयरक्रू से सहायता मांगी, जब वह अपने स्थान पर दबा हुआ था। नेतन्याहू के अनुसार, सह-पायलट ने जोर से चिल्लाते हुए कहा, “मुझे मार डालो, मुझे मार डालो।”
नेतन्याहू ने इस स्थिति का विवरण देते हुए कहा कि यह स्पष्ट है कि सह-पायलट आत्महत्या के विचारों से ग्रस्त था। उन्होंने कहा, “यह कोई प्रश्न नहीं है कि वह आत्महत्या के विचारों में था।” यह बयान इस बात को दर्शाता है कि सह-पायलट की स्थिति बहुत गंभीर थी और उनकी मानसिक स्थिति का प्रभाव विमान की सुरक्षा पर पड़ सकता था।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ऐसा लगता है कि सह-पायलट का इरादा विमान को गिराने का था। यह जानकारी विमानन सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति की आशंका बढ़ जाती है।
इस स्थिति ने एयरलाइंस और विमानन उद्योग में एक बार फिर से मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं को उजागर किया है। मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को पहचानना और उन्हें संबोधित करना, खासकर पायलटों और एयरक्रू के बीच, अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह घटना मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
नेतन्याहू का यह बयान इस बात की ओर भी इशारा करता है कि ऐसे मामलों में त्वरित और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। भविष्य में इस तरह की घटनाओं की रोकथाम के लिए एयरलाइंस को अपनी नीतियों में सुधार करने की आवश्यकता हो सकती है।
