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सुरक्षा विशेषज्ञ ने एनडीटीवी रक्षा शिखर सम्मेलन में कहा, “अपने मित्र के दुश्मन से बातचीत करने के तरीके को भी देखना महत्वपूर्ण है”

हाल ही में एनडीटीवी द्वारा आयोजित रक्षा शिखर सम्मेलन में, राष्ट्रीय सुरक्षा परामर्श बोर्ड (NSAB) के सदस्य पंकज सारण ने भारत की सुरक्षा नीति में एक नए दृष्टिकोण की बात की। उनके अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीय इतिहास में ऐसी पहल की है, जो पहले किसी भी सरकार ने नहीं की थी।

भारत की नई सुरक्षा नीति

पंकज सारण ने जोर देकर कहा कि भारत ने एक नया सिद्धांत विकसित किया है जो न केवल आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करेगा बल्कि वैश्विक स्तर पर भी देश की स्थिति को सुदृढ़ करेगा। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत ने जो कदम उठाए हैं, वे ऐतिहासिक हैं और यह दर्शाते हैं कि भारतीय सरकार अब अधिक सक्रिय और निर्णायक भूमिका निभा रही है।

सारण ने यह भी कहा कि यह आवश्यक है कि हमारे मित्र देशों के साथ संवाद करते समय हम अपने दुश्मनों के साथ उनकी बातचीत के तरीके को समझें। यह दृष्टिकोण हमें वैश्विक रणनीतिक स्थिति में बेहतर निर्णय लेने में मदद करेगा।

दुनिया के सामने भारत की चुनौतियां

सुरक्षा विशेषज्ञ ने यह भी बताया कि वर्तमान में भारत को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें आतंकी गतिविधियाँ और सीमाई तनाव शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों का सामना करने के लिए एक ठोस और प्रभावी रणनीति की आवश्यकता है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत को अपनी सुरक्षा नीतियों को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है। सारण का मानना है कि यह सहयोग भारत को अपनी सामरिक स्थिति को बेहतर बनाने में सक्षम बनाएगा।

भविष्य की दिशा

पंकज सारण ने आगे कहा कि भविष्य में भारत को अपनी रक्षा नीति में और अधिक सुधार करने की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि हमें अपने मिलिटरी और तकनीकी संसाधनों को बढ़ाने के लिए निवेश करने की आवश्यकता है ताकि हम विश्व स्तर पर अपनी स्थिति को मजबूत कर सकें।

इस सम्मेलन में भाग लेने वाले अन्य विशेषज्ञों ने भी सुरक्षा नीतियों के महत्व पर जोर दिया और यह बताया कि कैसे एक संगठित और रणनीतिक दृष्टिकोण से भारत अपनी सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर सकता है।

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