एफबीआई के वर्तमान और पूर्व एजेंट्स ने बीबीसी न्यूज़ से बातचीत में अपनी हैरानी और गुस्से का इज़हार किया है। यह प्रतिक्रिया उस साइबर हमले के बाद आई है जिसमें एजेंसी के सभी कर्मचारियों की निजी जानकारी लीक हो गई है। एक पूर्व एफबीआई एजेंट ने कहा कि यह घटना अंडरकवर एजेंट्स के लिए बेहद ख़तरनाक हो सकती है। एजेंट्स को डर है कि उनकी व्यक्तिगत जानकारी जल्द ही अपराधियों और दुश्मन देशों के हैकर्स के हाथ लग सकती है।
साइबर हमले का विस्तार
हैकिंग ग्रुप शाइनीहंटर्स ने धमकी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे चार दिनों के भीतर चोरी किए गए डेटाबेस और दस्तावेज़ों को प्रकाशित कर देंगे। कुछ एजेंट्स को इस बात की भी चिंता है कि उनके द्वारा जांच किए गए साइबर अपराधी उन पर शारीरिक हमला कर सकते हैं। एक पूर्व कर्मचारी ने बताया कि एजेंट्स के बीच ‘वायलेंस-एज़-ए-सर्विस’ हमलों की चर्चा हो रही है।
व्यक्तिगत चिंताएं और सुरक्षा खतरा
शाइनीहंटर्स जैसे समूह पहले भी स्वाटिंग की घटनाओं और पेट्रोल बम हमलों से जुड़े रहे हैं। इस बार समूह ने दावा किया है कि उन्होंने एफबीआई के सिस्टम में सेंध लगाई है और इसके विवरण को डार्कनेट साइट पर पोस्ट किया है। एफबीआई ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन बुधवार को एजेंसी ने इस घटना की पुष्टि की और कहा कि यह मामले की जांच कर रही है।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा
इस घटना के राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं। एफबीआई के पूर्व एजेंट माइकल मैकफर्सन का कहना है कि यह घटना एजेंट्स और उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। एजेंट्स को इस बात की चिंता है कि उनके व्यक्तिगत डेटा का दुरुपयोग हो सकता है।
एफबीआई की प्रतिक्रिया
कई लोगों ने एफबीआई पर गुस्सा जताया है कि कैसे इस तरह की लापरवाही से डेटा चोरी हुआ। एक पूर्व साइबर एजेंट ने कहा कि कर्मचारी इस बात से नाराज़ हैं कि ऐसी सुरक्षा चूक कैसे हो सकती है। एफबीआई ने कर्मचारियों को अपने व्यक्तिगत डेटा को हटाने के लिए डिलीटमी सेवा का उपयोग करने की सलाह दी है, जो कई लोगों को अपर्याप्त लगती है।
