⚡ Breaking News

जमात-ए-इस्लामी ने इस्लामाबाद मार्च पर अड़ी अपनी मांगें

लाहौर: जमात-ए-इस्लामी ने शनिवार को घोषित किया कि जब तक सरकार पेट्रोलियम लेवी को समाप्त नहीं करती, तब तक इस्लामाबाद मार्च को रद्द नहीं किया जाएगा। पार्टी प्रमुख हाफिज नईमुर रहमान ने घोषणा की कि रविवार से देशभर से विरोध काफिले राजधानी की ओर बढ़ेंगे।

पेट्रोलियम लेवी का विरोध

सरकार पेट्रोल पर 114 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 100 रुपये प्रति लीटर कर और शुल्क लगाती है। जमात-ए-इस्लामी 16 अगस्त से लाहौर, पेशावर, कराची और देश के अन्य कई स्थानों पर इस लेवी के विरोध में नियमित धरने कर रही है।

रहमान ने मंसूरा में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यदि शासक लेवी को समाप्त नहीं कर सकते, तो हम अपना मार्च रद्द नहीं कर सकते,” जिससे अधिकारियों के साथ संभावित टकराव की स्थिति बन रही है।

सरकार की प्रतिक्रिया

सरकार ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट के हालिया फैसले का हवाला दिया, जो आंदोलन की स्वतंत्रता को रोकने वाली गतिविधियों के खिलाफ है, और राजधानी में यातायात और सामान्य जीवन को बाधित करने से रोकने के लिए दृढ़ है।

रहमान ने शांति पूर्ण प्रदर्शन का वादा किया और सरकार को चेतावनी दी कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए।

अर्थव्यवस्था और सरकार की आलोचना

रहमान ने कहा कि राहत कोई उपकार नहीं बल्कि लोगों का अधिकार है, और सरकार पर आरोप लगाया कि वह उपभोक्ताओं पर बोझ कम करने के लिए संरचनात्मक उपायों से बच रही है। उन्होंने दावा किया कि पेट्रोल पर 107 रुपये प्रति लीटर पेट्रोलियम लेवी के रूप में वसूले जा रहे हैं।

उन्होंने सरकार पर भ्रष्टाचार को रोकने में विफल रहने और “अत्यधिक आधिकारिक व्यय” के लिए आलोचना की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपने खर्चों को कम करना चाहिए, बजाय इसके कि लोगों से बलिदान की मांग की जाए।

आर्थिक नीतियों पर चर्चा

रहमान ने कहा कि सरकार ने बार-बार जमात-ए-इस्लामी से सुझाव मांगे हैं, हालांकि उन्होंने तर्क दिया कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जन असंतोष का समाधान करे। उन्होंने याद दिलाया कि उनकी पार्टी ने पहले दौर की बातचीत के दौरान प्रस्ताव प्रस्तुत किए थे, लेकिन सरकार ने उन्हें स्वीकार नहीं किया।

उन्होंने सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना की, ब्याज दरों में कमी की मांग की और स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान की स्वायत्तता पर सवाल उठाया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *