सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल की कीमत में 1.65 रुपये प्रति लीटर और उच्च गति डीजल (HSD) की कीमत में 0.88 रुपये प्रति लीटर की कमी की है।
इस संशोधन के बाद, पेट्रोल की कीमत 389.14 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि HSD की कीमत 424.04 रुपये प्रति लीटर हो गई है। सरकार पेट्रोल पर 114 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 100 रुपये प्रति लीटर कर और शुल्क वसूल करती है।
नई कीमतें कब से लागू होंगी
पेट्रोलियम विभाग के नोटिफिकेशन के अनुसार, ये नई कीमतें 19 सितंबर (शनिवार) से 21 सितंबर (सोमवार) तक लागू रहेंगी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूल्य परिवर्तन
तेल और गैस नियामक प्राधिकरण (OGRA) के अनुसार, इन कीमतों में बदलाव मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों से संबंधित है।
नियामक ने बताया कि कीमतों का संशोधन अंतरराष्ट्रीय बाजार के दरों, प्रीमियम और अन्य प्रासंगिक कारकों के आधार पर किया गया।
पिछले दाम और मौजूदा स्थिति
HSD की कीमत 3 अप्रैल को रिकॉर्ड 520.35 रुपये के उच्चतम स्तर से कम हुई है। इसकी कीमत 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान युद्ध के शुरू होने के बाद 281 रुपये प्रति लीटर से बढ़ना शुरू हुई थी।
पेट्रोल की कीमत 3 अप्रैल को 458.41 रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी, जबकि यह मार्च के पहले सप्ताह में 266 रुपये से बढ़ना शुरू हुई थी।
सरकार के बचत उपाय
सरकार ने बढ़ती ईंधन कीमतों के मद्देनजर कई बचत उपायों को फिर से लागू किया है, जिनमें बाजारों को रात 9 बजे तक बंद करने और आधिकारिक वाहनों के लिए ईंधन आवंटन को 50 प्रतिशत कम करने के उपाय शामिल हैं।
प्रधानमंत्री का राहत कार्यक्रम
13 सितंबर को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मोटरसाइकिल, ऑटो और 800cc तक के वाहनों के उपयोगकर्ताओं के लिए “राहत योजना” की घोषणा की, ताकि वैश्विक तेल कीमतों के बढ़ने से “भार कम” किया जा सके।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के एक बयान में कहा गया कि दो और तीन पहिया वाहनों के मालिकों को 20 लीटर की मासिक कोटे पर प्रति लीटर 100 रुपये की राहत मिलेगी, जबकि 800cc तक के वाहनों के मालिकों को 30 लीटर की मासिक कोटे पर यही राहत मिलेगी।
प्रतिदिन ईंधन मूल्य निर्धारण
17 जुलाई को पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने घोषणा की थी कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूल्य परिवर्तन के कारण अब ईंधन की कीमतें प्रतिदिन निर्धारित की जाएंगी।
इससे पहले, सरकार ने मार्च की शुरुआत से ईंधन की कीमतों में साप्ताहिक संशोधन करने की घोषणा की थी, ताकि संभावित तेल आपूर्ति बाधाओं के मद्देनजर ईंधन की बचत के उपायों के साथ-साथ इनकी कीमतों में बदलाव किया जा सके।
ईंधन की आवश्यकताएँ और प्रभाव
पेट्रोल मुख्य रूप से निजी परिवहन, छोटे वाहनों, ऑटो-रिक्शा और दो पहिया वाहनों में उपयोग होता है, और इसकी कीमतों में बदलाव मध्य और निम्न-मध्य वर्ग पर असर डालता है।
इसी तरह, डीजल की कीमतों में बदलाव भी आम जनता पर असर डालता है, क्योंकि इसका मुख्य उपयोग भारी परिवहन क्षेत्र, पावर प्लांट और बड़े जनरेटरों में होता है।
पेट्रोल और उच्च गति डीजल (HSD) प्रमुख राजस्व अर्जक हैं, जिनकी मासिक बिक्री लगभग 700,000 से 800,000 टन है, जबकि केरोसीन की मासिक मांग केवल 10,000 टन है।
