स्पेनिश पुलिस ने उत्तरी अफ्रीका के सेउटा में समुद्र तटों पर रह रहे सैकड़ों प्रवासियों को हटाकर एक नए तंबू वाले स्थल की ओर ले जाने का अभियान शुरू किया है। पुलिसकर्मियों को भीड़ को नियंत्रित करने में कठिनाई का सामना करना पड़ा, क्योंकि लोग वहां जगह पाने के लिए संघर्ष कर रहे थे।
प्रवासियों की स्थिति और पुलिस की चुनौती
पुलिस ने हवा में गोली चलाने की खबरें दी हैं। अब तक सैकड़ों प्रवासी उस शिविर में पहुंच चुके हैं, जिसमें 1,700 लोगों की क्षमता है। जुलाई में मोरक्को से सीमा पार करने वाले 72,000 प्रवासियों में से अधिकांश लौट चुके हैं, लेकिन अभी भी 13,000 से अधिक प्रवासी इस एन्क्लेव में मौजूद हैं।
शुक्रवार सुबह लगभग 07:00 स्थानीय समय (05:00 GMT) पर यह अभियान शुरू हुआ, जिसमें 3,000 से अधिक प्रवासियों को स्थानांतरित किया गया। इस प्रक्रिया के दौरान, कुछ प्रवासियों ने निर्धारित 2 किलोमीटर (1.2 मील) मार्ग के किनारे बने घेरे को तोड़ दिया।
सरकार की योजना और विरोध
सरकार का यह प्रयास है कि प्रवासियों को उन सुविधाओं में रखा जाए जहां उनकी पहचान की जा सके और उनके प्रशासनिक स्थिति का निर्धारण किया जा सके। इस घटना से स्पेन में प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ की आलोचना बढ़ गई है।
सेउटा के निवासी भी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और कुछ ने आश्रय स्थलों को नष्ट कर दिया और प्रवासियों को दी जा रही मदद को रोक दिया। सेउटा के मेयर जुआन जीसस विवास ने यूरोपीय संसद में कहा कि प्रवासियों ने सेउटा को “प्रेशर कुकर” में बदल दिया है।
राजनीतिक और कूटनीतिक प्रभाव
विपक्ष ने सांचेज़ पर प्रवासियों के आगमन की पूर्व जानकारी होने का आरोप लगाया है, हालांकि सांचेज़ ने इसे खारिज किया है। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, इंटेलिजेंस सेवाओं ने इस घटना से एक दिन पहले सोशल मीडिया पर प्रवासियों के बड़े पैमाने पर आगमन की चेतावनी दी थी।
इस घटना ने सांचेज़ के लिए कूटनीतिक चुनौतियाँ भी पैदा की हैं। इटली के साथ असहमति के कारण दोनों देशों ने एक-दूसरे पर अस्थायी सीमा नियंत्रण लागू किए हैं। इसके साथ ही सांचेज़ मोरक्को के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।
