हाल ही में अमेरिका ने घोषणा की है कि उसने पृथ्वी की कक्षा में एक अंतरिक्ष हथियार तैनात किया है। इस कदम से यह सवाल उठता है कि वास्तव में अंतरिक्ष में कौन से हथियार मौजूद हैं और महाशक्तियों के बीच इस क्षेत्र में प्रभुत्व की कोशिशों में यह हथियार क्या भूमिका निभा सकता है। हालांकि, इस घोषणा में अमेरिका ने ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है। अमेरिकी वायु सेना के सचिव ट्रॉय मेइंक ने इस “ऑन ऑर्बिट” हथियार को अमेरिकी बलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया, लेकिन इस हथियार की क्षमताओं या इसे कब तैनात किया गया, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
अंतरिक्ष में सैन्य विकास की तस्वीर
आधुनिक सैन्य शक्तियाँ पहले से ही संचार, टोही और मिसाइल लॉन्च की पहचान के लिए उपग्रहों का उपयोग कर रही हैं। जैसे-जैसे युद्ध तकनीकी रूप से उन्नत होता जा रहा है, विश्लेषकों का मानना है कि अंतरिक्ष में सैन्य उपकरणों का उपयोग बढ़ेगा। रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट के सैन्य विज्ञान के एसोसिएट फेलो और डरहम विश्वविद्यालय के एस्ट्रोपॉलिटिक्स के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ ब्लेडिन बोवेन ने बीबीसी रेडियो 4 के टुडे प्रोग्राम में कहा कि यह एक इलेक्ट्रॉनिक युद्ध या रेडियो-जैमिंग प्लेटफॉर्म हो सकता है।
इस तरह के हथियार पहले से ही पृथ्वी पर मौजूद हैं और यह उपग्रह संचार को बाधित कर सकता है। बोवेन ने यह भी कहा कि इसमें कुछ अधिक विघटनकारी और जोखिम भरे हथियार भी शामिल हो सकते हैं, जो बहुत अधिक मलबा और विनाश पैदा कर सकते हैं।
अन्य देशों की संभावनाएँ
अंतरिक्ष में हथियारों का तैनात होना पहली बार है, लेकिन अमेरिका के साथ-साथ रूस और चीन के पास पहले से ही ऐसे हथियार हैं जो अंतरिक्ष में लक्ष्यों को भेद सकते हैं। पिछले 10 वर्षों में रूस और चीन ने अंतरिक्ष में कई गतिविधियाँ की हैं, जिन्हें रेंडेजवस और प्रॉक्सिमिटी ऑपरेशंस कहा जाता है।
डॉ रॉड थोर्नटन, किंग्स कॉलेज लंदन में रूसी रक्षा और सुरक्षा अध्ययन के पाठक ने कहा कि ये आरपीओ उपग्रह सैद्धांतिक रूप से शिकारी-हत्यारे उपग्रह बन सकते हैं। बोवेन ने यह भी बताया कि चीनी ने “स्पेस टग क्षमता” का प्रदर्शन किया है, जो उपग्रह को एक कक्षा से दूसरी कक्षा में ले जाने में सक्षम है।
रूस की रणनीति
रूस के पास अंतरिक्ष में हथियारों और उपग्रहों की कमी है, लेकिन उसकी मिसाइल क्षमता उसे इस कमी को पूरा करने में सक्षम बनाती है। रूस के पास ऐसी मिसाइलें हैं जो अंतरिक्ष में उपग्रहों को निशाना बना सकती हैं।
डॉ थोर्नटन ने कहा कि रूसियों के पास ग्राउंड-बेस्ड मिसाइलें हैं जो निम्न पृथ्वी कक्षा में उपग्रहों पर हमला कर सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रूसियों के पास एएसएटी मिसाइलें हैं जिन्हें विमान से बड़ी ऊँचाई से लॉन्च किया जा सकता है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि रूस, अगर जरूरत पड़ी तो, अंतरिक्ष में परमाणु हथियार लॉन्च कर सकता है।
