पाकिस्तान की चार सदस्यीय मुक्केबाजी टीम, जिसमें दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं, अगले सप्ताह जापान के नागोया में एशियाई खेलों के लिए रवाना होने वाली है। इस मौके पर, खेल महासंघ के सचिव ने यह स्वीकार किया कि भविष्य की रणनीति बनाना अनिवार्य है ताकि दशकों से चले आ रहे पदक सूखे को खत्म किया जा सके।
महिला मुक्केबाजों में आशा की किरण
पाकिस्तान के लिए हाल ही में संपन्न राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली फातिमा जहरा, एशियाई खेलों में भी देश की उम्मीदों का केंद्र बनी हुई हैं। फातिमा ने ग्लासगो में महिलाओं की 60 किलोग्राम श्रेणी में सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था। उनका प्रदर्शन यह दर्शाता है कि देश की महिला मुक्केबाजों में विश्व स्तर पर मुकाबला करने की क्षमता है।
फातिमा के साथ, मारिया रिंद भी जापान जा रही हैं। वह कराची के लियारी क्षेत्र से हैं और सेना की एथलीट हैं। हालांकि वह राष्ट्रमंडल खेलों की टीम का हिस्सा थीं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण यात्रा नहीं कर सकीं।
पुरुष मुक्केबाजों की तैयारी
पुरुष मुक्केबाजों में सुमामा रहमान और इरफान खान का नाम शामिल है। सुमामा ने राष्ट्रमंडल खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था, हालांकि वह भारत के जादुमनी सिंह से हार गए थे। इरफान खान, जो खैबर पख्तूनख्वा से हैं और छह बार के राष्ट्रीय चैंपियन हैं, अपनी अंतरराष्ट्रीय शुरुआत के लिए तैयार हैं।
टीम के चयन के बारे में महासंघ के सचिव इरफान यूनिस ने बताया कि राष्ट्रीय चैंपियनशिप में प्रदर्शन के आधार पर ही चयन होता है। हालांकि, अगर कोई उत्कृष्ट मुक्केबाज चोट या चिकित्सा कारणों से फाइनल हार जाता है, तो महासंघ उनकी स्थिति का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए एक परीक्षण आयोजित करता है।
आर्थिक चुनौतियाँ और प्रशिक्षण का अभाव
पाकिस्तान खेल बोर्ड (PSB) केवल दो मुक्केबाजों का प्रायोजन कर रहा है, जबकि शेष चार सदस्यों के खर्चे पाकिस्तान मुक्केबाजी महासंघ को खुद वहन करने पड़ रहे हैं। महासंघ के पास बजट की कमी के कारण अधिक प्रतियोगिताएं आयोजित करने में कठिनाई हो रही है।
इस बीच, टीम ने इस्लामाबाद में पाकिस्तान खेल परिसर में प्रशिक्षण शुरू किया है, जिसमें सेना और पाकिस्तान ओलंपिक संघ का भी समर्थन मिला है। हालांकि, सीमित संसाधनों के कारण प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर असर पड़ा है।
भविष्य की योजनाएं और चुनौतियाँ
भविष्य की ओर देखते हुए, महासंघ का ध्यान अब अगले साल अप्रैल में आयोजित होने वाले दक्षिण एशियाई खेलों पर है, जिसमें भारत भी हिस्सा लेगा। महासंघ की योजना है कि अपने मुक्केबाजों को बेहतर तैयारी के लिए एक राष्ट्रीय चैंपियनशिप आयोजित की जाए।
महासंघ के सचिव ने यह भी बताया कि राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान गायब हुए मुक्केबाज कुदरतुल्लाह की खोज जारी है। यह पहला मामला नहीं है जब पाकिस्तानी मुक्केबाज इस तरह गायब हुए हैं।
