वाल्दास डामब्राउस्कस के करियर की कहानी प्रेरणादायक है। एक समय लिथुआनिया के एक साधारण व्यक्ति के रूप में, अब वे अज़रबैजानी क्लब सबाह के कोच के रूप में चैंपियंस लीग में ओल्ड ट्रैफर्ड में उतरने वाले हैं।
क्विज़ शो से करियर की शुरुआत
डामब्राउस्कस की कहानी 2002 में लिथुआनियन संस्करण के ‘हू वांट्स टू बी अ मिलियनेयर?’ के साथ शुरू होती है। शो में जीत के बाद, उन्होंने लंदन में फुटबॉल करियर बनाने का निर्णय लिया। उनकी मामूली जीत ने उन्हें कोचिंग कोर्स करने और फुटबॉल में करियर बनाने की प्रेरणा दी।
कठिन परिश्रम और संघर्ष
लंदन आने के बाद, डामब्राउस्कस ने कई नौकरियों में काम किया। उन्होंने खेल विज्ञान और कोचिंग में कोर्स किया और साथ ही विभिन्न फुटबॉल परियोजनाओं में स्वयंसेवा किया। उनकी मेहनत और समर्पण ने उन्हें मैनचेस्टर यूनाइटेड सॉकर स्कूल्स में नौकरी दिलाई।
अंतरराष्ट्रीय करियर
डामब्राउस्कस ने लिथुआनिया लौटकर एक्रानस के साथ कोचिंग शुरू की और फिर ज़ालगिरिस विलनियस के मैनेजर बने। विभिन्न देशों में कोचिंग करने के बाद, उन्होंने 13 ट्रॉफियाँ जीतीं। अब वे सबाह के कोच हैं और चैंपियंस लीग में टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
चैंपियंस लीग में सबाह की यात्रा
सबाह ने चार नॉकआउट मुकाबले जीतकर चैंपियंस लीग में जगह बनाई। डामब्राउस्कस का मानना है कि यह उनके लिए एक सपना सच होने जैसा है। वे ओल्ड ट्रैफर्ड में अपनी टीम को दुनिया के बड़े क्लबों के खिलाफ खेलते देखेंगे।
