यूएसएस एब्राहम लिंकन हाल ही में थाईलैंड में पहुंचा, और उसके जंग लगी स्थिति को लेकर कई लोगों ने आलोचना की। यह अमेरिकी विमानवाहक पोत लगभग नौ महीने से समुद्र में है, जहाँ यह अमेरिका-इजराइल युद्ध में ईरान का समर्थन कर रहा है।
बीबीसी वेरिफाई ने सैन्य विशेषज्ञों से बात की है, जिन्होंने बताया कि हालांकि इसकी तैनाती की अवधि असामान्य है, लेकिन इसके पहनने-फटने की स्थिति में कोई अनोखी बात नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक समुद्र में रहने के कारण जहाज की स्थिति में कुछ बदलाव आना स्वाभाविक है। थाईलैंड में पहुँचने के बाद, यूएसएस लिंकन की जंग लगी स्थिति को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
रिपोर्टिंग और विश्लेषण
इस बारे में रिपोर्टिंग करने वाले जैक हॉर्टन ने बताया कि यूएसएस लिंकन की स्थिति को लेकर जो चिंताएं उठी हैं, वे शायद पूर्वाग्रहित हैं। अमेरिकी नौसेना के अधिकारी यह स्पष्ट करते हैं कि समय-समय पर ऐसे जहाजों को रखरखाव की आवश्यकता होती है।
केविन गुयेन और क्लेयर कीनन द्वारा निर्मित इस रिपोर्ट में ग्राफिक्स की भूमिका भी महत्वपूर्ण है, जिससे जानकारी को समझना और अधिक आसान होता है।
यूएसएस लिंकन की तैनाती
यूएसएस लिंकन की तैनाती के पीछे का मुख्य कारण अमेरिका और इजराइल के बीच चल रहे तनाव को कम करना और ईरान के साथ संभावित संघर्ष में अमेरिकी हितों की रक्षा करना है।
इसके अलावा, विशेषज्ञों का कहना है कि यूएसएस लिंकन का इस प्रकार की स्थिति में होना कोई नई बात नहीं है, क्योंकि युद्धपोतों को कई बार ऐसे ही दीर्घकालिक अभियानों से गुजरना पड़ता है।
