मिस्र में टीवी प्रस्तुतकर्ता सारा खलीफा को ड्रग्स के आरोप में फांसी की सजा दी गई है। उनके साथ 11 अन्य लोगों को भी यह सजा सुनाई गई है। ये सभी एक आपराधिक गिरोह का हिस्सा थे, जिसने ड्रग्स बनाने के लिए आवश्यक सामग्री का आयात किया था, जिसके पीछे उनका इरादा इन्हें बेचना था।
इन लोगों के पास अवैध हथियार और गोला-बारूद भी पाए गए। 39 वर्षीय खलीफा को उनके टीवी कार्यक्रम ‘मिशन इम्पॉsible’ के लिए जाना जाता है, जो अपराध से संबंधित मुद्दों पर केंद्रित था। उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया है। यह फैसला पिछले महीने सुनाया गया था लेकिन इस पर अपील करने की प्रक्रिया अभी भी जारी है।
इस मामले में अदालत ने बताया कि जब खलीफा को पिछले सितंबर में अदालत में उनके कथित भूमिका के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी किसी ड्रग्स को नहीं देखा था, जब तक कि उन्हें एंटी-नारकोटिक्स प्राधिकरण के कार्यालयों के अंदर उनके साथ फोटो खींची गई।
मुकदमे का विवरण
अदालत में सुनवाई के दौरान यह भी पता चला कि अधिकारियों ने 750 किलोग्राम (1,653 पाउंड) से अधिक मादक पदार्थ और इन्हें बनाने के लिए आवश्यक कच्चे माल जब्त किए थे। इस मामले में 20 गवाहों ने अभियोजकों के सामने बयान दिए, और इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी प्रस्तुत किए गए, जिसमें बातचीत और वीडियो क्लिप शामिल थे।
राज्य द्वारा संचालित अखबार अकरबार अल-यूम के अनुसार, अदालत के फैसले के बाद खलीफा का यह कहना था कि उन्होंने कभी भी ड्रग्स नहीं देखे थे।
अंतर्राष्ट्रीय कानून के संदर्भ में
एक 2025 की एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, उस वर्ष 492 मौत की सजा सुनाई गई थी, जिनमें से 23 को फांसी दी गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपियों को ड्रग्स तस्करी और बलात्कार के लिए दोषी ठहराया गया, “ऐसे अपराध जो ‘जानबूझकर हत्या’ के रूप में नहीं गिनाए जा सकते।”
यह ध्यान देने योग्य है कि अंतर्राष्ट्रीय कानून और मानकों के अनुसार, फांसी की सजा का उपयोग केवल जानबूझकर हत्या के मामलों में ही किया जाना चाहिए।
