यूरोपीय संघ की नवीनतम समीक्षा के अनुसार, पाकिस्तान ने अपनी सुधार यात्रा में कुछ प्रगति की है, लेकिन अभी भी कई क्षेत्रों में ध्यान देने की आवश्यकता है। यह रिपोर्ट जुलाई में प्रकाशित हुई थी और इसमें 2023-2025 के दौरान पाकिस्तान के प्रदर्शन का आकलन शामिल है। हालांकि इस रिपोर्ट ने पाकिस्तान की कुछ प्रगति को सराहा है, लेकिन यह भी बताया गया है कि श्रम कानूनों के कार्यान्वयन, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सुरक्षा, जबरन गायबियों के मुद्दे, अल्पसंख्यकों के अधिकार और न्यायिक स्वतंत्रता जैसे क्षेत्रों में ध्यान देने की आवश्यकता है।
GSP+ का महत्व
GSP+ का उद्देश्य विकासशील देशों को यूरोपीय बाजार तक विशेष पहुंच प्रदान करना है, जिसके बदले में उन्हें मानवाधिकार, श्रम अधिकार, पर्यावरण संरक्षण और सुशासन से संबंधित 27 अंतरराष्ट्रीय संधियों को लागू करने की प्रतिबद्धता देनी होती है। 2014 से पाकिस्तान इस व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभार्थी रहा है। 2024 में, यूरोपीय संघ ने पाकिस्तान से €8.3 बिलियन का आयात किया, जिसमें से लगभग €7.5 बिलियन GSP+ प्राथमिकताओं के लिए योग्य थे।
पाकिस्तान की सुधार प्रक्रिया
पाकिस्तान ने GSP+ निगरानी ढांचे के साथ अपनी सहभागिता को जारी रखा है और सभी 27 संधियों की पुष्टि बनाए रखी है। देश ने मौत की सजा को चार अपराधों से हटा दिया है और दिसंबर 2019 से कोई फांसी नहीं हुई है। एक राष्ट्रीय जेल सुधार कार्य योजना और समर्पित कार्यबल की स्थापना की गई है। महिलाओं के अधिकारों को लेकर भी प्रगति हुई है, जैसे कि घरेलू हिंसा (रोकथाम और संरक्षण) विधेयक और सिंध में वैवाहिक बलात्कार के लिए पहली सजा।
आगे की राह
यूरोपीय आयोग ने श्रम कानूनों के सख्त प्रवर्तन, जबरन और बाल श्रम के खिलाफ प्रयास, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा में सुधार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए बेहतर सुरक्षा, और मानवाधिकार चिंताओं के लिए अधिक प्रभावी जवाबदेही तंत्र की आवश्यकता को प्राथमिकता दी है। पाकिस्तान को इन प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी सुधार प्रक्रिया को मजबूत करना चाहिए।
पाकिस्तान और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार और संस्थागत सुधार एक-दूसरे को मजबूत कर सकते हैं। GSP+ का आर्थिक तर्क पाकिस्तान की सुधार प्रक्रिया को प्रोत्साहन देने के लिए महत्वपूर्ण है।
