पाकिस्तान नौसेना ने बुधवार को कराची में एक महत्वपूर्ण समुद्री अभ्यास SEASPARK-2026 की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य विभिन्न खतरों के खिलाफ अपनी युद्ध तत्परता का परीक्षण करना है। यह जानकारी इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) द्वारा दी गई।
अभ्यास का उद्घाटन और उद्देश्य
समुद्री अभ्यास का उद्घाटन नौसेना प्रमुख एडमिरल नवीद अशरफ की अध्यक्षता में हुआ, जिसमें सशस्त्र बलों की अन्य शाखाओं के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे। ISPR ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि “यह अभ्यास पाकिस्तान नौसेना की युद्ध तत्परता का परीक्षण करेगा, जिसमें पारंपरिक और नए समुद्री खतरों का सामना करने की क्षमता है।”
विज्ञप्ति के अनुसार, इस अभ्यास में जहाजों, पनडुब्बियों, विमानों, मानवरहित प्रणालियों, मरीन, विशेष बलों, और संयुक्त सेना और वायु सेना के तत्वों को शामिल किया जाएगा।
मल्टी-डोमेन संचालन और सुरक्षा
ISPR ने यह भी उल्लेख किया कि यह अभ्यास “समुद्री, वायु, भूमि, साइबर और स्पेस-सक्षम क्षमताओं का समन्वय” करके मल्टी-डोमेन संचालन पर ध्यान केंद्रित करेगा। साथ ही, यह जानकारी के वातावरण में संचालन का अभ्यास करने पर भी जोर देगा, जिससे “जानकारी युद्धक्षेत्र में निर्णायक लाभ” सुनिश्चित किया जा सकेगा।
नौसेना प्रमुख ने पहले नौसेना के बेड़े के यूनिटों का दौरा किया और चल रहे अभियानों की समीक्षा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बदलते सुरक्षा माहौल के कारण “पूर्ण तत्परता, त्रि-सेवा एकीकरण, लचीलापन और भौतिक तथा सूचना क्षेत्रों में प्रभावशीलता” की आवश्यकता है।
पिछली गतिविधियाँ और उपलब्धियाँ
इस साल अप्रैल में, पाकिस्तान नौसेना ने स्वदेशी रूप से विकसित ‘तैमूर’ वायु-लॉन्च क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। उसी महीने, पाकिस्तान और चीन की नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाने के उद्देश्य से एक द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास भी संपन्न हुआ। यह अभ्यास दो चरणों में आयोजित किया गया, जिसमें कराची में पांच दिन की बंदरगाह यात्रा और उत्तर अरब सागर में दो दिन का समुद्री चरण शामिल था।
